बैरागी द्वीप में ९ कुंडीय यज्ञशाला का शुभारंभ

आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी एवं आदरणीया शफ़ाली पंड्या जी ने किया विधिवत उद्घाटन

हरिद्वार/कनखल | 5 दिसंबर
अखिल विश्व गायत्री परिवार के जन्म शताब्दी वर्ष समारोह की कड़ी में बैरागी द्वीप (कनखल) स्थित विशाल आयोजन स्थल पर ९ कुंडीय यज्ञशाला का शुभारंभ आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी, प्रतिकुलपति—देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, तथा आदरणीया शफ़ाली पंड्या जी के करकमलों द्वारा विधिवत रूप से सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर दोनों ने हजारों परिजनों, साधकों एवं स्वयंसेवकों की भावपूर्ण उपस्थिति में गायत्री महायज्ञ संपन्न कर यज्ञशाला के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।


महिला मंडल द्वारा यज्ञ संचालन

कार्यक्रम का यज्ञ संचालन महिलाओं के मंडल द्वारा वैदिक रीति से किया गया, जिसने भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति द्वारा आध्यात्मिक नेतृत्व की परंपरा को पुनः प्रतिष्ठित किया। शंख–ध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार और गायत्री महामंत्र की सामूहिक स्वर–लहरियों ने सम्पूर्ण वातावरण को दिव्य बनाया।


प्रतिदिन यज्ञ संपन्न होगा

वृहद सम्मेलन वसंत पंचमी 2026 के सफल आयोजन एवं यशस्वी संचालन हेतु
इस यज्ञशाला में प्रतिदिन प्रातःकाल महिला मंडल द्वारा यज्ञ संपन्न होगा।
यह यज्ञ आध्यात्मिक ऊर्जा, पर्यावरण शुद्धि, संगठन–एकता और सामूहिक संकल्प शक्ति के संवर्धन के उद्देश्य से किया जाएगा।


एक नया अध्याय—शताब्दी वर्ष की दिव्य शुरुआत

इस पावन अवसर पर उपस्थित परिजनों ने संकल्प लिया कि—
यज्ञ की भावना—त्याग, सेवा और सहयोग को जीवन में उतारकर
आगामी शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों को चरितार्थ करेंगे और समाज–निर्माण की गति को और मजबूत बनाएँगे।