जनपद बस्ती (उ.प्र.) में आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का आगमन — 151 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में दिया दिव्य उद्बोधन, पूर्व छात्र-छात्राओं एवं जिला प्रशासन से की मुलाकात
जनपद बस्ती, उत्तर प्रदेश में चल रहे 151 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के पावन अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रतिकुलपति एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का हार्दिक स्वागत किया गया। उनके पहुंचने पर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं, परिजनों एवं स्वयंसेवकों ने भावपूर्ण स्वागत किया।
इस अवसर पर डॉ. पंड्या जी ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि—
“यज्ञ केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन-शैली है, जो व्यक्ति के भीतर देवत्व और समाज में समत्व का संचरण करती है।”
उन्होंने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को विशेष विचार-शक्ति, विवेक और आत्मोन्नति की क्षमता प्रदान की है, जो जीवन का सबसे बड़ा उपहार है। यही शक्ति मनुष्य के जीवन को महान बनाती है और समाज में प्रकाश फैलाने की क्षमता देती है।
पूर्व छात्र-छात्राओं से भावपूर्ण मुलाकात
कार्यक्रम के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र-छात्राओं ने डॉ. पंड्या जी से स्नेहिल भेंट की। सभी ने इस अवसर को जीवन भर याद रखने योग्य बताया और संकल्प लिया कि वे युगनिर्माण आंदोलन को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर होकर गुरुदेव के आदर्शों को जीवन में धारण करने का संकल्प लेता हुआ दिखाई दिया।
जिलाधिकारी, आई.ए.एस. कृतिका ज्योत्स्ना जी से शिष्टाचार भेंट
यज्ञ कार्यक्रम के उपरांत, आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने बस्ती की जिलाधिकारी आई.ए.एस. कृतिका ज्योत्स्ना जी से मुलाकात की। इस दौरान डॉ. पंड्या जी ने उन्हें जन्मशताब्दी समारोह 2026, हरिद्वार के लिए औपचारिक निमंत्रण प्रदान किया और माँ गायत्री का पावन चित्र भेंट किया, जिसे जिलाधिकारी महोदया ने सम्मानपूर्वक स्वीकार किया।
शताब्दी समारोह 2026 की ओर बढ़ते कदम
कार्यक्रम स्थल पर “51 DAYS TO GO” की घोषणा के साथ वातावरण उत्साह, श्रद्धा और राष्ट्रनिर्माण की भावना से ओत-प्रोत हो उठा।
सभी उपस्थितों ने यह संकल्प लिया कि युगऋषि परमपूज्य गुरुदेव की 100वीं जयंती वर्ष 2026 को एक भव्य और ऐतिहासिक रूप में मनाया जाएगा।

