परम वंदनीया माता जी एवं दिव्य अखंड दीप शताब्दी समारोह 2026 की निर्विघ्न सफलता तथा दिव्य ऊर्जा के आह्वान हेतु आध्यात्मिक अनुभव की महत्ता को ध्यान में रखते हुए शक्ति कलश स्थापना कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रद्धेय डॉ. साहब एवं श्रद्धेया जीजी द्वारा वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ आह्वान एवं पूजन हुआ। शांतिकुंज महिला मंडल की अध्यक्ष आदरणीय श्रीमती शैफाली पंड्या दीदी ने शक्ति कलश के लिए पुष्प एवं जल विधि अनुसार ग्रहण किया। वहीं शांतिकुंज के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा श्रृद्धापूर्ण आभार व्यक्त किया गया।
कलश स्थापना की प्रक्रिया
समारोह स्थल शांतिकुंज हरिद्वार में निर्मित वैरागी द्वीप हरिद्वार साधना कक्ष में वैदिक कर्मकांड के साथ कलश स्थापना की गई। इस शुभ अवसर पर वैदिक विधानों का पालन हुआ। तत्पश्चात संपूर्ण परिसर में कलश पूजन, पुष्प अर्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन विधिपूर्वक सम्पन्न हुआ।
गायत्री मंत्र जप का अनुष्ठान
दिनांक 23 नवंबर 2025 से प्रतिदिन कार्यक्रम स्थल पर नियमित गायत्री मंत्र जप आरंभ कर दिया गया है। यह जप सूर्योदय से सूर्यास्त तक चलेगा, जिसका संचालन शांतिकुंज महिला मंडल की देवी स्वरूप बहनें करेंगी। जप के साथ ही जन्मशताब्दी समारोह की तैयारियों के अंतर्गत सेवा एवं श्रमदान का क्रम अनवरत जारी है, जिसमें सभी परिजनों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
भावनात्मक महत्त्व और सहभागिता
समाचार के अनुसार, समारोह का उद्देश्य आध्यात्मिक ऊर्जा का संवर्धन, आत्मकल्याण एवं सामाजिक समृद्धि हेतु सामूहिक साधना को प्रोत्साहन देना है। कार्यक्रम में वातावरण अत्यंत पवित्र, श्रद्धा एवं समर्पण से परिपूर्ण रहा। उपस्थित परिजनों व अतिथियों ने श्रद्धा पूर्वक शक्ति कलश स्थापना व गायत्री जप में भाग लिया।
वर्तमान गतिविधियाँ
समारोह की तैयारियों में सेवा भावना और श्रमदान आज भी जारी हैं, जिसमें सभी वर्गों की सहभागिता सराहनीय रही। आज के समाचार में इस पावन अवसर की कुछ हृदय स्पर्शी झलकियाँ प्रस्तुत की गई हैं, जिनमें कलश स्थापना, पूजन और गायत्री जप के दृश्य सांझा किए गए हैं।

