जन्मशताब्दी वर्ष की प्रारम्भिक गतिविधियाँ तेज़ – वसंत पंचमी 2026 के विराट सम्मेलन हेतु तैयारियाँ अंतिम चरण में
हरिद्वार, शांतिकुंज।
जन्मशताब्दी वर्ष 2026 के उद्घाटन समारोह के रूप में मनाए जाने वाले वसंत पंचमी 2026 के विराट सम्मेलन की तैयारियाँ तेज़ गति से आगे बढ़ रही हैं। शांतिकुंज परिवार, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय तथा संगठन के विभिन्न विभागों के हज़ारों कार्यकर्ता दिन-रात सेवा भावना से कार्य कर रहे हैं।
इस भव्य आयोजन का पहला प्रमुख कार्यक्रम 4 दिसंबर को बैरागी द्वीप, हरिद्वार में वसुधा वंदन के रूप में निर्धारित किया गया है। इस विशेष अवसर पर अनेक विशिष्ट अतिथियों, संतमहात्माओं एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रहने वाली है। विशाल जनसमूह की सहभागिता को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण क्षेत्र में सुविधाओं, व्यवस्था और सुरक्षा की तैयारियाँ तेज़ी से चल रही हैं।
तैयारियों की प्रत्यक्ष रूप से समीक्षा आदरणीय डॉ. चिन्मय पांड्या जी द्वारा की जा रही है। उनके मार्गदर्शन में सभी विभाग प्रमुख, संयोजक एवं समर्पित कार्यकर्ता उच्च स्तर की अनुशासन, प्रतिबद्धता और श्रमदान के साथ अपनी-अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।
कार्यक्रम से जुड़े एक वरिष्ठ प्रतिनिधि के अनुसार—“यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युग परिवर्तन के संकल्प का वैश्विक संदेश है। परिजनों की श्रद्धा और समर्पण इसकी सफलता का आधार है।”
4 दिसंबर के वसुधा वंदन कार्यक्रम के साथ ही जन्मशताब्दी वर्ष की गतिविधियाँ औपचारिक रूप से आरंभ हो जाएँगी और आगामी वसंत पंचमी 2026 को होने वाला मुख्य विराट सम्मेलन युगनिर्माण अभियान को नए आयाम देगा।


