पीड़ित मानवता की सेवा – जन्मशताब्दी वर्ष में अबतक ५३५ यूनिट रक्तदान

गायत्री परिवार की सह-संस्थापिका एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्नेह सलिला माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्मशताब्दी उनके शिष्यों और अनुयायियों के लिए किसी महाउत्सव से कम नहीं है। परम वंदनीया माता जी सेवा, साधना और प्रेम की जीवंत प्रतिमूर्ति रहीं। पीड़ित मानवता की सेवा को उन्होंने अपना सर्वोपरि धर्म माना और इसी भाव को जीवन भर कर्म में उतारती रहीं।

माता जी के इन्हीं पावन पदचिन्हों पर चलते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा समाज को पीड़ा और पतन से उबारने हेतु सेवा के विविध प्रकल्प निरंतर संचालित किए जा रहे हैं। जन्मशताब्दी वर्ष 2026 के स्वागत में गायत्री तीर्थ शांतिकुंज द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान अभियान को विशेष रूप से गति दी गई है।

इस अभियान के अंतर्गत मई 2025 में शांतिकुंज हरिद्वार में तथा नवंबर 2025 में देव संस्कृति विश्वविद्यालय और एम्स हॉस्पिटल, ऋषिकेश में रक्तदान शिविर आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में गायत्री परिजनों ने सहभागिता करते हुए रक्तदान किया।

इसी सेवा-श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 के प्रथम माह के प्रथम सप्ताह में, 6 जनवरी को, शांतिकुंज के तत्वावधान में हिमालयन हॉस्पिटल, जौलीग्रांट में “रक्तदान महादान” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भी उत्साहपूर्वक गायत्री परिजनों ने रक्तदान कर मानव सेवा का परिचय दिया।

साल 2025 और 2026 के प्रारंभिक सप्ताह में आयोजित इन सभी रक्तदान शिविरों को मिलाकर अब तक कुल 535 यूनिट रक्तदान किया जा चुका है। यह अभियान परम पूज्य गुरुदेव और परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के पीड़ित मानवता की सेवा के संकल्प को सशक्त रूप से आगे बढ़ा रहा है।

गायत्री परिवार का यह प्रयास न केवल माता जी की जन्मशताब्दी को सार्थक बना रहा है, बल्कि समाज में सेवा, करुणा और मानवीय संवेदनाओं के विस्तार का संदेश भी दे रहा है।