हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में परम वंदनीया माताजी एवं दिव्य अखंड दीपक के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर आयोजित ‘राष्ट्र के जागरण का समय आ गया’ कार्यक्रम राष्ट्र को समर्पित एक विराट चेतना-महोत्सव के रूप में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन देवसंस्कृति दिग्विजय अभियान से जुड़े गायत्री परिवार के लाखों कार्यकर्ताओं के लिए संकल्प, प्रेरणा और क्रियाशीलता का महापर्व बना, जहाँ राष्ट्र-जागरण का स्वर अपने शिखर पर दिखाई दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का शांतिकुंज आगमन हुआ। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों ने गायत्री परिवार के प्रमुख द्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पंड्या एवं श्रद्धेया शैल जीजी से भेंट कर दिव्य अखंड दीप के दर्शन किए। इस अवसर पर श्रद्धेयद्वय द्वारा रुद्राक्ष माला, गंगाजल एवं गायत्री मंत्र-चादर भेंट कर अतिथियों का सम्मान किया गया।
अपने उद्बोधन में गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि युगद्रष्टा पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा ने अपने एक ही नश्वर जीवन में असंख्य जीवनों को दिशा देने का अद्भुत कार्य किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “भारतवर्ष कभी भी गुरुदेव के उपकारों से मुक्त नहीं हो सकता।” गुरुदेव का जीवन, साधना और विचार राष्ट्र के नैतिक व आध्यात्मिक उत्थान की सुदृढ़ आधारशिला हैं।
श्री शाह ने कहा कि अखंड ज्योति सम्मेलन में आकर वे अखंड ऊर्जा और चेतना का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय और डॉ. चिन्मय पंड्या के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि गुरुदेव के विचार, कर्म और साधना की ऊर्जा आज भी करोड़ों लोगों के हृदय में आत्मा के दीपक के रूप में प्रज्वलित है। वर्षों बाद भी अखंड ज्योति का निरंतर जलते रहना इसी चेतना का प्रमाण है।

