बुलन्दशहर, 27 नवम्बर 2025
युगऋषि परमपूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी वर्ष 2026 की तैयारी के तहत बुलन्दशहर जनपद में आयोजित दिव्य अखण्ड दीप शताब्दी एवं ज्योति कलश स्थापना यात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य समारोह एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम उत्साह और भावभरा वातावरण में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं और परिजनों को आदरणीय डॉ. चिन्मय पांड्या जी, प्रतिकुलपति – देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार ने प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने युग परिवर्तन के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने, सेवा-यज्ञ में तन–मन–धन से भागीदारी करने तथा घर-घर अखण्ड दीप एवं गायत्री साधना के माध्यम से आत्मिक जागरण के विस्तार का संदेश दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में देवस्थल में विधिवत पूजा-अर्चना, दीप प्रज्ज्वलन और वंदनीय माताजी के चित्रों के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित की गई। तत्पश्चात विशिष्ट अतिथियों एवं वरिष्ठ प्रतिनिधियों द्वारा मिलन-सत्संग का क्रम चला, जिसमें सौहार्दपूर्ण संवाद व शुभकामना आदान-प्रदान हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में परिजनों की उपस्थिति रही, जिनमें महिलाएँ, युवा एवं वरिष्ठ सदस्य उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
सभास्थल पर सैकड़ों साधक पीतवर्णीय दुपट्टों और दीप-युग के प्रतीक चिन्हों के साथ उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर भक्ति, अनुशासन और युगचेतना के रंगों से निखर उठा।
कार्यक्रम के दौरान 2026 की योजनाओं में सक्रिय भागीदारी, श्रमदान, सेवायात्राओं तथा व्यापक सामाजिक-आध्यात्मिक अभियानों के विस्तार के संकल्प लिए गए। सभी परिजनों ने एक स्वर में यह प्रतिज्ञा दोहराई कि युग परिवर्तन की इस दिव्य यात्रा में व्यक्तिगत और सामूहिक योगदान पूरे समर्पण के साथ दिया जाएगा।
“युग परिवर्तन की आधारशिला सेवा, साधना और संस्कार है—इसे घर-घर तक पहुँचाना हम सबका कर्तव्य है।”
— आदरणीय डॉ. चिन्मय पांड्या जी

