दिल्ली प्रवास की पुण्य यात्रा
अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति, आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी दिल्ली प्रवास पर रहते हुए परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी एवं पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के शताब्दी‑संकल्पों का संदेश लेकर विभिन्न माननीय जन‑प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों से आत्मीय मिलन हेतु पहुँचे। यह सम्पूर्ण यात्रा अखंड दीप शताब्दी वर्ष के पावन प्रकाश को राष्ट्र के नीति‑निर्माताओं तक पहुँचाने की एक सशक्त आध्यात्मिक कड़ी के रूप में अभिव्यक्त हुई।
दिल्ली पुलिस के डीसीपी से प्रेरक भेंट
डॉ. पंड्या जी ने दिल्ली पुलिस के (DCP) श्री महेश कुमार बर्णवाल जी के निवास पर पहुँचकर शांतिकुंज व देव संस्कृति विश्वविद्यालय में चल रहे चरित्र‑निर्माण, व्यक्तित्व परिष्कार, नशामुक्ति एवं संस्कार‑संवर्धन अभियानों का दिव्य चित्र उनके समक्ष रखा। श्री बर्णवाल जी ने शांतिकुंज भ्रमण के अपने ताज़ा अनुभवों को भाव‑भीने शब्दों में व्यक्त किया और वहाँ की साधना‑साध्य की सुवास को पुनः स्मरण किया।
इस अवसर पर डॉ. पंड्या जी ने परम वंदनीया माताजी की प्रेरणा से आरम्भ हुए ‘अखंड दीप शताब्दी वर्ष’ के उद्देश्यों, भावों एवं आगामी कार्यक्रमों का विस्तृत उल्लेख करते हुए समाज में शांति, सुरक्षा और सद्भाव के लिए पुलिस‑प्रशासन और जागृत नागरिक समाज के संयुक्त पुरुषार्थ की आवश्यकता पर बल दिया। स्मृति‑स्वरूप उन्हें पूज्य गुरुदेव का युग‑साहित्य, देव‑स्थापना चित्र एवं आदर‑अंगवस्त्र भेंट कर भविष्य में सत्प्रयासों की साझी पहल का आमंत्रण दिया गया।
केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह जी से सौहार्दपूर्ण संवाद
इसके उपरान्त आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री माननीय श्री गिरिराज सिंह जी से सौहार्दपूर्ण भेंट की। संवाद के आरम्भ से ही वातावरण में राष्ट्रभक्ति, गौ‑संवर्धन, ग्राम्य‑उत्थान और संस्कृति‑समृद्ध भारत के स्वप्न की उष्मा स्पष्ट रूप से अनुभव की गई। डॉ. पंड्या जी ने बताया कि कैसे अखंड दीप शताब्दी वर्ष के अंतर्गत ग्राम‑ग्राम तक वैज्ञानिक अध्यात्म, संस्कार‑समृद्ध जीवन‑शैली और स्वावलंबन के बीज बोए जा रहे हैं।
माननीय मंत्री जी ने गायत्री परिवार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे नारी‑जागरण, आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण एवं मूल्य‑परक जीवन‑शैली के प्रयासों की भरपूर सराहना की। डॉ. पंड्या जी ने हरिद्वार में प्रस्तावित भव्य शताब्दी समारोह में पधारकर देवसंस्कृति के इस महायज्ञ को अपना मार्गदर्शन देने का विनम्र अनुरोध किया, जिस पर मंत्री महोदय ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शुभकामनाएँ अर्पित कीं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी से आत्मीय मिलन
दिल्ली प्रवास का एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री माननीय श्री धर्मेंद्र प्रधान जी से हुआ आत्मीय मिलन रहा। देव संस्कृति विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. पंड्या जी ने मूल्याधारित, कौशल‑सम्पन्न एवं संस्कृति‑समन्वित शिक्षा‑दृष्टि का विस्तृत परिचय कराया और बताया कि कैसे ‘संस्कार‑केन्द्रित आधुनिक शिक्षा’ आज के युवाओं को केवल सफल नहीं, बल्कि सच्चा, सजग और संवेदनशील नागरिक बनाने का माध्यम बन सकती है।
डॉ. पंड्या जी ने माननीय मंत्री जी को जनवरी 2026 में शांतिकुंज, हरिद्वार में आयोजित होने वाले ‘परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी एवं अखंड दीप शताब्दी वर्ष’ के मुख्य समारोह में सादर पधारने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्नेहपूर्वक स्वीकार किया। स्मरणीय क्षण के रूप में पूज्य गुरुदेव द्वारा रचित युग‑साहित्य, देव‑स्थापना चित्र और विशेष स्मृति‑चिह्न भेंट किए गए, जिन्हें मंत्री महोदय ने गहरी रुचि और आदर के साथ ग्रहण किया।
राष्ट्रव्यापी नवजागरण की ओर एक सशक्त कदम
इन सभी पावन मुलाकातों ने यह संदेश स्पष्ट किया कि अखंड दीप शताब्दी वर्ष केवल किसी एक संस्थान या आयोजन का पर्व नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र में जागृत हो रही आध्यात्मिक चेतना और संस्कार‑क्रांति का मंगल‑सूत्र है। नीति‑निर्माताओं, सुरक्षा‑कर्मियों, शिक्षाविदों और समाज के जागृत नागरिकों के सम्मिलित पुरुषार्थ से ही युग‑निर्माण का स्वप्न साकार होगा।
डॉ. चिन्मय पंड्या जी का यह दिल्ली प्रवास, पूज्य गुरुदेव के वाक्य—“हम बदलेंगे, युग बदलेगा”—को कर्मभूमि में उतारने की दिशा में एक सशक्त और उत्साहवर्धक पड़ाव सिद्ध हुआ। देवपरिवार के साधकगण प्रार्थना कर रहे हैं कि यह दिव्य संदेश देश‑विदेश के प्रत्येक घर तक पहुँचे, अखंड दीप की ज्योति प्रत्येक हृदय में प्रज्वलित हो और भारत पुनः ज्ञान, करुणा एवं सदाचार से ओत‑प्रोत विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो।

