बरेठ (छत्तीसगढ़)।
छत्तीसगढ़ प्रवास के क्रम में आदरणीय डॉ. चिन्मय पांड्या जी ने गायत्री विद्यापीठ, बरेठ में नव-निर्मित भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर विद्यापीठ परिसर आध्यात्मिक उल्लास, अनुशासन और उत्साह से परिपूर्ण दिखाई दिया। कार्यक्रम में विद्यापीठ के विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा गायत्री परिवार के परिजनों ने आदरणीय डॉ. चिन्मय पांड्या जी का भावपूर्ण स्वागत किया।
लोकार्पण के उपरांत आदरणीय डॉ. चिन्मय पांड्या जी ने विद्यालय परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद किया तथा उन्हें जीवन में सफलता प्राप्त करने के व्यावहारिक सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और सेवा भाव का विकास है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति एकाग्रता, नियमित साधना और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। नव-निर्मित भवन को विद्यापीठ की शैक्षणिक एवं संस्कारात्मक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।

