शांतिकुंज भोजनालय का विस्तार – नई तकनीक और मशीनों का उद्घाटन

हरिद्वार, शांतिकुंज — आज गीता जयंती एवं श्रद्धेया शैल जीजी के अवतरण दिवस के पावन अवसर पर शांतिकुंज परिवार ने अत्यंत हर्ष और उत्साह के साथ भोजनालय में नई आधुनिक मशीनों का लोकार्पण एवं शुभारंभ किया। यह उद्घाटन श्रद्धेया जीजी के दिव्य करकमलों द्वारा हुआ, जिसमें अनेक वरिष्ठ प्रतिनिधि, साधकगण और परिवारजन उपस्थित रहे।

शांतिकुंज भोजनालय, जहाँ प्रतिदिन हजारों साधकों, आगंतुकों और कार्यकर्त्ताओं को निःस्वार्थ भावना से प्रसाद स्वरूप भोजन प्रदान किया जाता है, अब नई तकनीक और यांत्रिक सुविधाओं से सुसज्जित होने जा रहा है। इन नए उपकरणों के संचालन से भोजन बनाने की क्षमता में महत्वपूर्ण विस्तार होगा तथा गुणवत्ता, स्वच्छता और सेवा की गति में एक नया आयाम जुड़ जाएगा।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान श्रद्धेया शैल जीजी ने कहा—
“सेवा का वास्तविक रूप वही है जो सतत, सुव्यवस्थित और समर्पण भाव से युक्त हो। भोजनालय में होने वाला यह विस्तार केवल यांत्रिक उन्नयन नहीं, बल्कि सेवा की शक्ति को और मजबूत बनाने का माध्यम है।”

भोजनालय प्रबंधन टीम ने जानकारी दी कि ये नई मशीनें—

  • बड़े स्तर पर भोजन निर्माण की गति बढ़ाएँगी
  • ऊर्जा एवं समय की बचत सुनिश्चित करेंगी
  • स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों को और ऊँचा उठाएँगी
  • उत्सवों, विशाल कार्यक्रमों और साधक समूहों की बढ़ती संख्या में सहजता से सेवा उपलब्ध करा सकेंगी

कार्यक्रम का समापन सामूहिक गायत्री मंत्र तथा राष्ट्र-विश्व कल्याण की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। उपस्थित सभी परिजनों ने श्रद्धेया जीजी के अवतरण दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ समर्पित करते हुए सेवा, साधना और संस्कारों की तीन धाराओं को और अधिक भावनापूर्वक जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

“हे प्रभो, जीवन हमारा यज्ञमय कर दीजिए।”
— अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज, हरिद्वार