
दिनांक 20 जनवरी 2026 को आयोजित ज्योति कलश शोभायात्रा की अपूर्व एवं अतुलनीय छटाओं के दर्शन के पश्चात संध्या वेला में वैरागी द्वीप शताब्दी नगर में एकत्रित विशाल जनसमुदाय को शांतिकुंज महिला मंडल की प्रमुख आदरणीया शेफाली पंड्या दीदी ने संबोधित किया।अपने भावपूर्ण संबोधन में आदरणीया दीदी ने कहा कि परम वंदनीया माता जी…

शांतिकुंज में आयोजित जन्मशताब्दी समारोह 2026 के अंतर्गत चल रहे विविध आयोजनों की श्रृंखला में 20 जनवरी 2026 की सांस्कृतिक संध्या श्रद्धा, साधना और भारतीय सांस्कृतिक वैभव का जीवंत उदाहरण बनी। एक ओर दिनभर अनुभवजन्य विशिष्ट मूर्धन्यों की पावन वाणी से ज्ञान की अजस्र धारा प्रवाहित होती रही, वहीं संध्यावेला में पूज्य गुरुदेव एवं…

वैश्विक एकता, सांस्कृतिक चेतना और युग-परिवर्तन का सजीव उत्सव परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी एवं अखंड दीपक शताब्दी समारोह के पावन क्रम में ज्योति कलश यात्रा का शुभारंभ एक ऐतिहासिक, भव्य एवं अविस्मरणीय क्षण के रूप में सम्पन्न हुआ। यह यात्रा युगऋषि परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी की विचार-ज्योति को…

अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह के पावन क्रम में वैरागी द्वीप, हरिद्वार स्थित भव्य शताब्दी नगर आज आध्यात्मिक चेतना, श्रद्धा और उल्लास से सराबोर हो उठा। इसी दिव्य वातावरण में ज्योति कलश यात्रा का शुभारंभ अत्यंत भावपूर्ण एवं गरिमामयी रूप से सम्पन्न हुआ। यह यात्रा युगऋषि परम् पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य…

हरिद्वार। शताब्दी नगर, शांतिकुंज में आयोजित जन्मशताब्दी महोत्सव के अंतर्गत श्रद्धेया जीजी की गरिमामयी उपस्थिति में गायत्री परिवार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का विशेष कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, ‘युग साहित्य का दिग्दर्शन’ प्रदर्शनी एवं ‘ऋषि युग्म झांकी’ का विधिवत…

शताब्दी नगर में आयोजित ध्वज वंदन समारोह के साथ ही गायत्री परिवार की चिर-प्रतीक्षित दिव्य अखंड दीप स्थापना एवं परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्मशताब्दी महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से पधारे हजारों श्रद्धालु परिजनों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम…

हरिद्वार।18 जनवरी वह पावन तिथि है, जिस दिन परम पूज्य गुरुदेव को उनके मार्गदर्शक सत्ता से साक्षात्कार हुआ था। यही वह दिव्य दिवस है, जिस दिन अखंड दीप का प्राकट्य हुआ। 18 जनवरी 2026 का यह दिन एक बार फिर गायत्री परिवार के इतिहास में पावन, पवित्र और अत्यंत महत्वपूर्ण दिवस के रूप में…

परम पूज्य गुरुदेव एवं परम वंदनीया माताजी की चेतना का प्रत्यक्ष स्वरूप अखंड दीप हैं। उसकी दिव्य ज्योति को श्रद्धेयद्वय के मार्गदर्शन में जन-जन तक पहुँचाकर ज्योति कलशो का जन्मशताब्दी महोत्सव हेतु शांतिकुंज में आगमन हुआ। मध्यप्रदेश, राजस्थान, पूर्वोत्तर भारत – बंगाल एवं नेपाल से आए कुल 15 ज्योति कलशों का शांतिकुंज में श्रद्धा-संवेदनाओं…

वर्ष 2024 से निरंतर भारत के गाँव-गाँव ही नहीं, बल्कि विश्व के 80 से अधिक देशों के अनेक शहरों में अखंड दीपक की दिव्य आभा बिखेरते हुए शताब्दी वर्ष के प्रथम चरण के अंतर्गत आयोजित शताब्दी समारोह हेतु विश्व भ्रमण कर रहे ज्योति कलश अब अपने उद्गम स्थल गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुँचना प्रारंभ हो…